YOGIYOJANA.CO.IN : सरकारी योजनाओं की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में, सरकारी योजना : Sarkari Yojana in Hindi / English | प्रधानमंत्री व राज्य सरकार की योजनाएं 2020​

Monday, 22 June 2020

झारखण्ड मुख्यमंत्री श्रमिक (शहरी रोजगार मंजूरी फॉर कामगार) योजना जॉब कार्ड - Jharkhand CM Shramik (Shahri Rozgar Manjuri For Kamgar) Yojana [Apply Job Card Online]

**मेरे प्यारे साथियों** आज हम आपको झारखण्ड मुख्यमंत्री श्रमिक (शहरी रोजगार मंजूरी फॉर कामगार) योजना के बारे में बताने जा रहे है। इस Jharkhand Mukhymantri Shramik (Shahri Rozgar Manjuri For Kamgar) Yojana के अंतर्गत शहर में रहने वाले गरीब लोगों जैसे की प्रवासी मजदूरों को कम से कम सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराएगी।  साथ ही नरेगा (NREGA) की तर्ज पर जॉब कार्ड भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत लोगो को महात्मा गाँधी ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) की तरह कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारन्टी दी जाएगी। इस योजना में झारखण्ड के शहरो में रहने वाले 18 साल से ज्यादा उम्र के अकुशल मजदूरों को एक वित्त साल में 100 दिनों में काम करने का लाभ मिलेगा,और भी बहुत कुछ है तो आइए हम आपको आगे बताते है। 

झारखण्ड सरकार ने शहरी क्षेत्रों में गरीब लोगो के लिए एक नयी Jharkhand Mukhymantri Shramik (Shahri Rozgar Manjuri For Kamgar) योजना जॉब कार्ड शुरु करने जा रही है। यह मुख्यमंत्री श्रमिक योजना 2020 शहरी गरीबो के लिए रोजी- रोटी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के दिमाग की उपज है। यह महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना की तरह शहरी अकुशल श्रमिको को रोजगार प्रदान करने के लिए 100 दिनों की नौकरी की गारन्टी योजना है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बहुत सारी गरीबी कम करने की योजनाएं शुरु की गई है। शहरी क्षेत्रों के गरीबो को भी रोजगार की आवश्यकता है जिसमें ये योजना मददगार साबित होगी।
झारखण्ड के एक अर्थशास्री, हरिद्वार दयाल ने कहा है कि नयी योजना से कोरोना के फैलने के बाद शहरी झारखण्ड में वापिस लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को सहायता मिलेगी।

झारखण्ड मुख्यमंत्री श्रमिक योजना 2020 

झारखण्ड मुख्यमंत्री श्रमिक योजना का आरंभ किया जाना प्रस्तावित हो गया है। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलते ही राज्य में मुख्यमंत्री प्रवासी श्रमिक रोजगार गारन्टी योजना को लागू किया जाएगा। जिस तरह NREGA (नरेगा) योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन की रोजगार की गारंटी मिलती है, उसी प्रकार अब Jharkhand Mukhyamantri Shramik (Shahri Rozgar Manjuri For Kamgar) Yojana में भी शहरी गरीबों को 100 दिन की नौकरी की गारंटी मिलेगी। MGNREGA (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) की तरह नई झारखण्ड मुख्यमंत्री श्रमिक योजना 2020 में भी बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान होगा। अगर कोई शहरी स्थानीय निवासी 15 दिनों के अंदर नौकरी मिलने में असमर्थ रहता है तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा, पंजीकृत लाभार्थियों को जॉब कार्ड प्रदान किए जाएंगे। 

झारखंड मुख्यमंत्री शहरी रोजगार मंजूरी फॉर कामगार (श्रमिक) योजना पंजीकरण

झारखण्ड मुख्यमंत्री श्रमिक योजना 2020 के लिए प्रत्येक कार्यकर्त्ता को ऑनलाइन /ऑफलाइन विधि के माध्यम से नौकरी के लिए आवेदन करना होगा। यह राज्य सरकार मुख्यमंत्री श्रमिक योजना पंजीकरण के लिए एक समर्पित योजना लॉन्च करेगा। प्रत्येक प्रवासी श्रमिक को पूरी तरह से भरे हुए शहरी रोजगार मंजूरी फॉर कामगार योजना आवेदन पत्र ऑनलाइन या विभागीय कार्यालय में जमा करना होगा। 

झारखण्ड में MGNREGA की तरह  मुख्यमंत्री श्रमिक योजना जॉब कार्ड 

राज्य /केंद्र सरकार की मौजूदा योजनाओ में सभी प्रवासी श्रमिक को कार्यों में प्राथमिकता दी जायेगा। यदि मजदूरों को मौजूदा योजनाओ में समायोजित नहीं किया जा सकता है तो झारखण्ड सरकार इस उद्देश्य के लिए विशेष योजनाए बनाएंगे। सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULB)  को प्रवासी श्रमिक के रोजगार के लिए विशेष योजना बनाने के लिए अलग से धन दिया जायेगा। सीएम ने कहा है कि "स्वच्छता कार्यो से लेकर विकास परियोजनाओं तक शहरी क्षेत्रों में नोकरियो के बहुत सारे अवसर है". 

MGNREGS में मजदूरों की तरह,सभी शहरी मजदूरों को भी पंजीकृत किया जायेगा और उन्हें जॉब कार्ड प्रदान किए जाएंगे। MGNREGS में  वेबसाइट के कार्यो के समान एक विशेष वेबसाइट भी तैयार की जा रही है। 

(Urban) शहरी जॉब कार्ड प्राप्त करने की पात्रता

यहां कुछ पात्रता मानदंड है जिन्हे शहरी जॉब कार्ड के लिए आवेदन पूरा करने की आवश्यकता है:-
  • व्यक्ति की उम्र 18 साल और उससे अधिक होनी चाहिए।
  • वह 1 अप्रैल 2015 से शहरी क्षेत्रों में रहना चाहिए। 
  • ग्रामीण क्षेत्रों में आवेदक के पास MGNREGA महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी कार्ड नहीं होना चाहिए। 
  • दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी,सरकारी आश्रय में रहकर,पिछले तीन वर्षो से नई योजना के लिए पात्र होंगे। 
इन सभी पात्रताओं को पूरा करने वाले को ही झारखण्ड मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के अंतर्गत नौकरी के लिए जॉब कार्ड मिल सकेगा। 
    

अगर श्रमिक को नौकरी नहीं मिलती है तो बेरोजगारी भत्ता कितना होगा 

प्रत्येक मजदूर को पहले रोजगार के 30 दिनों के लिए मजदूरी का 1 /4 वा हकदार होगा। दूसरे महीने में सभी मजदूरों को मजदूरी का 1 /2 हिस्सा मिलेगा। यदि मजदूर को तीसरे के लिए नौकरी नहीं मिलती है,तो ये शहरी गरीब लोग मजदूरी के हकदार होंगे जो मूल न्यूनतम मजदूरी के बराबर है। बेरोजगारी भत्ता राशि शहरी क्षेत्रों में गरीब लोगो के बैंक खाते में सीधे 15 दिनों के अंदर स्थानांतरित कर दी जाएगी। 

झारखण्ड में नरेगा जैसी 100 दिन नौकरी गारन्टी योजना कार्यांन्वयन 

झारखण्ड श्रमिक योजना जो नौकरी की गारन्टी के लिए एक नरेगा जैसी योजना है,शहरी विकास और आवास विभाग द्वारा राज्य शहरी रोजी -रोटी मिशन के माध्यम से संचालित की जाएगी। नगर आयुक्त ,कार्यकारी कार्यालय या नगर निकार्यो के विशेष अधिकारी योजना के केंद्रक अधिकारी होंगे। कई अर्थशास्त्रियो ने झारखण्ड मुख्यमंत्री शहरी योजना की सराहना की है और राज्य में प्रवासी श्रमिको की कमाई के बाद इसे आवश्यक बताया है। 

आज तक एक धारणा थी कि गरीब का मतलब ग्रामीण लोग है,इसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बहुत सारी गरीबी कम करने की योजनाएं शुरू की गई है। लेकिन शहरी गरीबो का एक हिस्सा भी है और उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की तरह नौकरी की गारन्टी भी चाहिए,जिनके लिए शहरी गरीबो के लिए यह सीएम रोजगार गारन्टी योजना का उद्देश्य पूरा होगा। 

झारखण्ड मुख्यमंत्री शहरी गरीब जॉब गारन्टी योजना में शहरी रोजगार सेवक की भूमिका 

राज्य सरकार एक नया पद निर्माण करेगी,जो खंड या नगरपालिका स्तर पर अनुबंध के आधार पर नियोजित किया जाएगा। व्यक्ति योजना के तहत मजदूरों के नए पंजीकरण की देखभाल करेगा। योजना के तहत प्रत्येक मजदूर को एक शहरी जॉब कार्ड जारी किया जाएगा। 

शहरी गरीबो को रोजगार के अवसर 

शहरी गरीबो के लिए नई झारखण्ड सीएम जॉब गारन्टी योजना कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद शहरी झारखण्ड लौटने वाले प्रवासी श्रमिकोकी मदद करेगी। कोरोनावायरस महामारी फैलने के दौरान 1 मई से राज्य के बाहर फंसे 5 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक झारखण्ड लौट आए। 

झारखण्ड राज्य ग्रामीण विकास विभाग ने 2.5 लाख श्रमिको का कौशल मानचित्रण किया है। यह पता चला है कि विभिन्न राज्यों से लौटे 30 %श्रमिक अकुशल श्रमिक है।  
  

कोरोना वायरस के कारण हुए नुक्सान की भरपाई  

कोरोनावायरस एक बहुत बड़ी भयंकर महामारी के लॉकडाउन के बीच, बहुत संख्या में प्रवासी मजदूरअपनी नौकरी को खो चुके थे और अपने घरो को लौट आये थे ,उनके पास रोजी-रोटी कमाने का कोई साधन भी नहीं था। अब यह संबंधित राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि इन प्रवासी श्रमिको को अपने ही राज्यों में कामकाज मिले ताकि उन्हें कही बाहर जाकर काम करने की कोई आवश्यकता ना  हो। राज्य सरकार झारखण्ड में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना 2020 शुरू होगी और नरेगा की तरह ही मजदूरों को जॉब कार्ड प्रदान करेगी। 

इसके कारण हर जरुरतमंद गरीब परिवारों को अपने घर के पास ही रोजगार के अवसर मिलेंगे और कोरोना वायरस के कारण हुए नुक्सान की भरपाई भी हो पाएगी। इस शुरुआत के साथ, झारखण्ड शहरी गरीबो के लिए रोजगार गारन्टी योजना शुरू करने वाला केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। केरल सरकार पहले से ही अय्यनकाली शहरी रोजगार गारन्टी योजना चला रही है। यहां हम आपको झारखण्ड मुख्यमंत्री नौकरी योजना की पूरी जानकारी प्रदान करने की कोशिश की  है।  

No comments:

Post a comment