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Tuesday, 27 October 2020

[योगी] उत्तर प्रदेश प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग पहली सूची देखें - सभी कामगारों (श्रमिकों) को मिलेगा रोजगार [UP Skill Mapping List]

दूसरे राज्यों से प्रदेश लौटे श्रमिकों को गांव में ही काम देने की पहल योगी सरकार ने शुरू कर दी है| उत्तर प्रदेश सरकार हर हाथ को काम देने का प्रयास कर रही है| इसके लिए अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों की श्रेणीवार स्किल मैपिंग कर पहली सूची तैयार कर ली गयी है| 

सरकार ने श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) कल्याण आयोग के गठन की तैयारी शुरू कर दी है| दूसरे राज्यों से 24 लाख प्रवासी कामगार अब तक आ चुके हैं| 

योगी सरकार ने प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग की पहली सूची की तैयार

सीएम ने निर्देश दिए की दूसरे प्रदेशों से आने वाले सभी कामगारों को स्किल के अनुसार अप्रेंटिस भी कराई जाये और मानदेय भी दिया जाए| सभी श्रमिकों व कामगारों का बीमा भी कराया जाए| 

योगी ने कहा, एमएसएमई सेक्टर, एक जनपद एक उत्पाद योजना व विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में रोजगार के अवसर हैं| दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी|                  

उत्तर प्रदेश के सभी प्रवासी कामगारों को रोजगार देना लक्ष्य 

लॉकडाउन से प्रभावित 24 लाख से ज्यादा कामगारों को विभिन्न राज्यों से सूबे में वापस ला चुकी योगी सरकार अब इन हुनरमंदों के जरिये उत्तर प्रदेश को देश का आर्थिक पावरहाउस बनाना चाहती है| प्रवासी कामगारों की स्किल मैपिंग के बाद सबको रोजगार दिए जाने की तैयारी है| इसके लिए सरकार इन कामगारों की ट्रेनिंग / इंटर्नशिप कराएगी, जिस दौरान उन्हें ट्रेनिंग भत्ता भी दिया जाएगा|

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है की जो कामगार अब तक दूसरे राज्यों की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने मे योगदान दे रहे थे वे अब दक्ष मानव संसाधन के रूप में प्रदेश के विकास में भागिदार बनें| सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा बाजार है और सर्वाधिक मानव संसाधन वाला प्रदेश भी है| सरकार का इरादा इन मजदूरों की स्किल मैपिंग करा कर उन्हें हुनर के अनुरूप रोजगार दिलाना है| ऐसा करने से उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पा सके| 

इस दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर कामगार / श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) कल्याण आयोग के गठन का खाका तैयार किया जा रहा है| सूत्रों की माने तो अब तो अब तक 14.75 लाख कामगारों की स्किल मैपिंग का काम पूरा कर लिया गया है| बाकी बचे श्रमिकों की स्किल मैपिंग का काम जारी है जिससे की कामगारों के कौशल के अनुसार श्रेणीवार डाटा पूल बन सके जिसका इस्तेमाल उप्र की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाया जा सके|

उप्र सरकार इसी आधार पर श्रमिकों / कामगारों की स्किल मैपिंग, डाटा पूलिंग, इंटर्नशिप व योग्यतानुसार उनका प्लेसमेंट कराएगी| स्किल मैपिंग की जो पहली सूची तैयार की गयी है उसमे 2.57 लाख कामगारों में सर्वाधिक 58 फीसद हिस्सेदारी रियल एस्टेट और  कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की है| फर्नीचर और फिटिंग, बिल्डिंग डेकोरेटर, होम केयरटेकर, ड्राइवर, आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल व घरेलु उपकरणों के तकनीशियन भी इस फ़ौज का हिस्सा हैं|                            

सेवायोजन कार्यालय की उपयोगिता पुनः स्थापित हो, दक्षता के हिसाब से दें श्रमिकों को रोजगार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, श्रमिकों की दक्षता का विवरण संकलित करने के लिए स्किल मैपिंग का कार्य निरंतर जारी रखा जाए| श्रमिकों को रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने को जिला सेवायोजन दफ्तरों की उपयोगिता को भी पुनः स्थापित किया जाए| 

मनरेगा के काम देने की संभावनाएं तलाशें 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे| उन्होंने कहा की एमएसएमई सेक्टर में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं| कृषि, डेयरी  व पशुपालन से जुडी गतिविधियों में भी रोज़गार की बड़ी सम्भावनाऐ हैं| रोजगार की दृष्टि से श्रमिकों को इन सेक्टरों से जोड़ा जाए| विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिकों की प्रदेश वापसी को देखते हुए बारिश के मौसम में भी मनरेगा के कार्यों के संचालन की वैकल्पिक संभावनाएं तलाशी जाएं| 

कामगारों का डाटा बैंक बनाएं 

मुख्यमंत्री जी ने औद्योगिक इकाइयों के कर्मियों के साथ साथ निर्माण श्रमिकों, 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना व विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से जुड़े परंपरागत कामगारों का एक डाटा बैंक तैयार किये जाने के निर्देश भी दिए| कहा की इसमें श्रमिकों के बैंक खातों का विवरण भी सम्मिलित किया जाए| 

एमएसएमई के उत्पादों की खरीद हो 

सीएम ने कहा, प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों द्वारा निर्मित पीपीई किट, थ्री लेयर मास्क व अन्य वस्तुओं की खरीद राज्य सरकार के स्तर से की जाए| मास्क का उपयोग न करने पर जिस व्यक्ति का चालान करें, उसे ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित मास्क उपलब्ध कराया जाए| यह सुनिश्चित किया जाए की सीमेंट, ईंट, बालू, मिटटी, मौरंग आदि निर्माण सामग्री उचित और निर्धारित मूल्यों पर जनता को मिले| उन्होंने आम के निर्यात के लिए जरुरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए| साथ ही टिड्डी दल के प्रकोप पर पूरी सतर्कता व सावधानी बरती जाए| 

श्रमिकों के लिए बनाएं डारमेट्री 

योगी आदित्यनाथ ने कहा की प्रधानमंत्री के विशेष आर्थिक पैकेज माध्यम से श्रमिकों के लिए आवास निर्माण की व्यवस्था की जाए| श्रमिकों के रहने के लिए डारमेट्री का निर्माण किये जाने की जरुरत है| इससे कम धनराशि में उन्हें अच्छी सुविधा प्राप्त होगी|              

अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम का एक करोड़ को मिलेगा लाभ 

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों, कामगारों, शहरी गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग काम्प्लेक्स स्कीम के कार्यों में तेजी लाये जाने के निर्देश दिए हैं| कोविड-19 वैश्विक महामारी से श्रमिक, कामगार विगत दिनों में 25 लाख आ चुके हैं| अभी 5 लाख और आने की सम्भावना है| प्रदेश में इस प्रकार के 45 लाख श्रमिक पहले से ही रह रहे हैं| इनको ध्यान में रखते हुए करीब एक करोड़ लोगों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग काम्प्लेक्स की सुविधा का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाए|       

कब तक पूरा होगा श्रमिकों की स्किल मैपिंग का कार्य 

श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। इसके लिए श्रमिकों की स्किल मैपिंग का कार्य प्रगति पर है। आगामी 15 दिनों में यह कार्य पूरा करते हुए सभी का डाटा संकलित कर लिया जाए|

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए की कामगारों/श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंदों को कम्युनिटी किचन के माध्यम से फूड पैकेट सुलभ कराए जाएं। होम क्वारंटीन के लिए घर जाने वाले श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराई जाए। होम क्वारंटीन के दौरान इन्हें ₹1,000 का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जाए|

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