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Tuesday, 13 October 2020

उत्तराखंड मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना - युवाओं, प्रवासियों एवं कृषकों को स्वरोज़गार के लिए 25 KW क्षमता के सोलर पावर प्लांट | Uttarakhand Mukhyamantri Saur Swarojgar Yojana 2020

** मेरे प्यारे साथियों ** आज हम आपको उत्तराखंड मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के बारे में बताएंगे। उत्तराखंड राज्य के युवाओं, प्रवासियों और किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए " मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का शासनादेश " जारी कर दिया गया है। इसमें 10 हजार युवाओं को स्वरोजगार का लक्ष्य रखा गया है। 25 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट आवंटित किए जाएंगे। इसमें मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण, अनुदान आदि लाभ दरन्य किए जाएंगे। 

उत्तराखंड मुख्यमंत्री सौर स्वरुप योजना 2020 

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा के आवश्यकताओं की पूर्ति और वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोतों के विकास के लिए प्रदेश के उद्यमशील युवाओं, प्रवासियों और कृषकों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाने के उद्देश्य से निम्ननाधीन संस्थाओं के सिद्धांतों के अधीन मुख्यमंत्री सौर स्वावलंबन योजना संचालित किए जाने की श्री। राज्यपाल महोदय सहकार स्वीकृति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का उद्देश्य

उत्तराखंड मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के मुख्य उद्देश्य निमिन्लिखित हैं: -
  • प्रदेश के बेरोजगारों,,, उत्तराखंड के ऐसे प्रवासियों जो को विभाजित -19 के कारण राज्य में वापिस आये हैं और लघु एवं सीमान्त कृषकों को स्थानीय स्टार पर स्व-रोज़गार के अवसर सुलभ बनाने।
  • पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी की खोज में होने वाले पलायन को रोकना।
  • ऐसी कृषि भूमि जो बंजर हो रही है, पर सोलर पावर प्लांट लगाकर आय के साधन विकसित हो रहे हैं।
  • प्रदेश में हरित ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देना और आरपीओ की पूर्ति सुनिश्चित करना।
  • योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के साथ साथ उक्त भूमि पर मौन पालन और फल, सब्जी और जड़ी बूटी आदि का उत्पादन कर अतिरिक्त आय के साधन विकसित किए गए चलते हैं।
प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र पर्वतीय होने के कारण यहां के निवासियों और कृषकों को रोजगार / व्यवस्था के समुचित साधन उपलब्ध ना होने से कृषकों द्वारा अपनी भूमि का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे कृषि खेती बंजर हो रही है। ऐसे लघु एवं सीमान्त कृषकों और राज्य के बेरोजगार निवासियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाने और ऐसी भूमि जो कृषि योग्य नहीं है, पर सोलर पावर प्लांट की स्थापना कर विद्युत परिषद को यूपीसीएल को विक्रय करने से आय के साधन विकसित करने के लिए विकसित करना है। 

मुख्यमंत्री सौरभोज योजना

इस योजना का नाम "मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना" होगा। यह योजना पूरे राज्य में लागू होगी। इस योजना के तहत 25 किलोवाट क्षमता के ही सोलर पावर प्लांट सेन्येड जाएंगे। इस योजना के तहत पात्र व्यक्ति (राज्य के स्थायी निवासी) अपनी निजी भूमि या लीज पर भूमि के बारे में सोलर पावर प्लांट की स्थापना कर सकते हैं। इस योजना के तहत 10000 परियोजनाएं पात्र पात्र को आवंटित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्षवार लक्ष्यों का निर्धारण MSME और वित्त विभाग की सहमति से निर्धारित किया जाएगा। 

इस योजना को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा "मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना" के सम्बन्ध में जारी कार्यालय ज्ञाप सं.-580/VII-3/01(03)-एम.एस.एम.ई/2020 दि-09 मई, 2020 के एक अध्याय के रूप में संचालित किया जाएगा तथा योजना के अंतर्गत आवंटित सोलर पावर प्लांट की स्थापना पर विनिर्माणक गतिविधि हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (मसमस) विभाग द्वारा लागू "मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना" के अंतर्गत अनुमन्य अनुदान / मार्जिन मनी एवं लाभ प्राप्त हो सकेंगे।

इस योजना के अंतर्गत MSME Online Portal के माध्यम से इच्छुक पात्र व्यक्तियों द्वारा आवेदन किया जा सकेगा। इस योजना का क्रियान्वन उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) द्वारा किया जाएगा तथा उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लि. (यू.पी.सी.एल) एवं राज्य सहकारी बैंक द्वारा सहयोगी संस्था के रूप में कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सोलर स्वरोजगार योजना हेतु पात्रता

केवल वे ही आवेदक जो मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना हेतु पात्रता को पूरा करेंगे वही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं:-  
1) यह योजना केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासियों हेतु ही मान्य होगी।
2) इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के उद्यमशील युवक, ग्रामीण बेरोज़गार एवं कृषक जो 18 वर्ष से अधिक आयु के होंगे, प्रतिभाग कर सकते हैं।
3) इस योजना में प्रतिभाग हेतु शैक्षिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं होगी।
4) इस योजना में एक व्यक्ति को केवल एक ही सोलर पावर प्लांट आवंटित किया जाएगा।

परियोजना हेतु तकनीकी मानक

  1. इस योजना के अंतर्गत 25 किलोवॉट क्षमता के संयंत्र आवंटित किये जाएंगे।
  2. 25 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट की स्थापना हेतु लगभग 1.5 से 2.0 नाली (300 वर्ग मीटर) भूमि की आवश्यकता होगी।
  3. 25 किलोवॉट क्षमता के संयंत्र की स्थापना पर लगभग 40 हजार प्रति किलोवॉट की दर से कुल 10 लाख का व्यय संभावित है।
  4. उत्तराखंड राज्य में औसतन धुप की उपलब्धता के आधार पर 25 किलोवॉट क्षमता के संयंत्र से पूरे वर्ष में लगभग 1520 यूनिट प्रति कि.वॉ. की दर से कुल 38000 यूनिट प्रतिवर्ष विद्युत उत्पादन हो सकता है।
  5. इस स्कीम के अंतर्गत यू.पी.सी.एल द्वारा स्थापित 63 KVA एवं इससे अधिक श्रमता के स्थापित ट्रांसफार्मर्स से पर्वतीय क्षेत्रों में 300 मीटर Aerial Distance (हवाई दूरी) एवं मैदानी क्षेत्रों में 100 मीटर हवाई दूरी तक सोलर पवार प्लांट (संयंत्र) आंवटित किये जाएँगे। यदि ट्रांसफार्मर के आस-पास निर्धारित दूरी में अधिक संख्या में आवेदक आवेदन करते है, तो ऐसी दशा में आवेदकों के वार्षिक न्यूनत्तम आय के आधार पर परियोजना आवंटन की जाएगी।
  6. प्रदेश में यू.पी.सी.एल द्वारा 63 KVAएवं उससे अधिक श्रमता के स्थापित समस्त ट्रांसफार्मर्स के स्थलों की सूचना Online Portal पर उपलब्ध करायी जाएगी जिसके आधार पर आवेदकों द्वारा आवेदन किया जा सकेगा।
  7. इस योजना के अंतर्गत आवंटित परियोजना से उत्पादित विद्युत् को उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यू.पी.सी.एल) द्वारा मा. उत्तराखंड विधुत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों पर 25 वर्षो तक क्रय किया जायेगा।
  8. यू.पी.सी.एल द्वारा विद्युत् क्रय करने हेतु सम्बंधित लाभार्थी के साथ विद्युत् क्रय अनुबंध (पी.पी.ए.) किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोज़गार योजना हेतु ऋण एवं अनुमन्य लाभ

  • इस स्कीम में उत्तराखंड राज्य /जिला सहकारी बैंको द्वारा चयनित लाभार्थियों को अनुमन्यता के आधार पर 8.00 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
  • इस योजना में संयंत्र की कुल लागत का 70% तक अंश लाभार्थी को ऋण के रूप में राज्य / सहकारी बैंको के माध्यम से प्राप्त हो सकेगा तथा शेष राशि सम्बंधित लाभार्थी द्वारा मार्जिन मनी के रूप में वहन की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को MSME विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना मैं प्राविधानित मार्जिन मनी / अनुदान एवं लाभ प्राप्त हो सकेंगे।
  • सहकारी बैंक द्वारा इस योजना के अंतर्गत 15 साल की अवधि हेतु ऋण दिया जायेगा।
  • यदि कोई लाभार्थी स्वयं के व्यय पर अथवा अन्य किसी राष्ट्रीयकृत बैंक / अन्य बैंक से ऋण प्राप्त कर सोलर पावर प्लांट लगाना चाहते है, तो उस लाभार्थी को भी एम.एस.एम.ई विभाग द्वारा "मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना" के अंतर्गत अनुमन्य अनुदान / मार्जिन मनी एवं लाभ प्राप्त हो सकेंगे।
  • इस योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को अपनी भूमि के भू-परिवर्तन उपरान्त Mortgage करने के लिए लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी पर 100% छूट प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को संयंत्र स्थापित किये जाने वाले भूमि पर जलवायु आधारित औषधीय एवं स्कन्ध पादपों के बीज निशुल्क उपलब्ध कराये जायेंगे, जिससे सम्बंधित लाभार्थी अपनी भूमि पर सौर ऊर्जा से विद्युत् उत्पादन के साथ-साथ मधुमक्खी पालन करने एवं स्थानीय उत्पाद जैसे (अदरक, हल्दी एवं अन्य जड़ी -बूटियाँ) की पैदावार करने से आय के अतिरिक्त स्त्रोत विकसित कर सकेंगे।

परियोजना की आर्थिकी

उदाहरण के रूप में 25 कि.वॉ. क्षमता के सोलर पावर प्लांट पर 40 हजार प्रति कि.वॉ. की दर से कुल लगभग 10 लाख का व्यय सम्भावित है। परियोजना लागत पर सहकारी बैंक से 70% तक का ऋण प्राप्त हो सकेगा। शेष धनराशि लाभार्थी द्वारा मार्जिन मनी के रूप में वहन की जायेगी। 25 कि.वॉ. क्षमता के सोलर पावर प्लांट से वर्षभर में अनुमानित 38,000 यूनिट विद्युत् उत्पादन हो सकेगा।

उत्तराखंड मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना आवेदन / चयन प्रक्रिया 

1) इस योजना हेतु उरेडा द्वारा MSME Online Portal पर आवेदन आमंत्रित /प्राप्त किये जायेंगे। 
2) आवेदन के साथ हर लाभार्थी को रु 500/- (जी0एस0टी0 सहित) आवेदन शुल्क के रूप में निर्देशक,उरेडा,देहरादून के पक्ष में बैंक ड्राफ्ट के रूप में जमा कराया जाना होगा अथवा उरेडा के खाता सं0- 4422000101072887,IFSC Code:PUNB0442200, ब्रांच :विधानसभा,देहरादून में जमा कराया जाना होगा। 
3) प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी हेतु हर जनपद में निम्नानुसार "तकनीकी समिति" गठित की जायेगी :-
महाप्रबंधक,जिला उद्योग केंद्र अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि। 
यू0पी0सी0एल0 के सम्बंधित जनपद के अधिशासी अभियन्ता। 
उरेडा के जनपदीय अधिकारी, (समन्वयक)
4)  तकनीकी रूप से उपयुक्त पाए गये किसानों को परियोजना का आवंटन जनपद स्तर पर निम्नानुसार गठित समिति द्वारा किया जाएगा: -
जिलाधिकारी या उनके द्वारा नामित मुख्य विकास अधिकारी- अध्यक्ष। 
महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र-रियासत। 
अधिशासी अभयता, यू ० पी ० सी ० एल ० -सतस। 
सम्बंधित जनपद के सचिव / महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक-सभाओं। 
दर्शकों 0 परिधि 0 अधिग्रहित 0 / परिधि 0 अधिग्रहित 0, उरेडा-सभा सचिव। 

विविध  - परियोजना आवंटन पत्र प्राप्त होने पर लाभार्थी द्वारा उत्तराखंड पावर कोर्प लि 0 (यू 0 पी 0 सी 0 एल 0 एल 0) के साथ विधुत क्रय अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाएगा।

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