**मेरे प्यारे साथियो** आज हम उत्तर प्रदेश बाल श्रमिक विद्या योजना 2023 के बारे में बताएंगे। इस आर्टिकल में हम आपको उत्तर प्रदेश बाल श्रमिक विद्या योजना ऑनलाइन आवेदन / पंजीकरण फॉर्म, लॉन्च की तारीख व पूरी जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 जून 2020 को यूपी में मजदूरों के बच्चो के लिए इस योजना की शुरुवात करी है। इस योजना के अंतर्गत को श्रमिकों के बच्चों को 1,000 रुपये (लड़कों) और 1200 रूपये (लड़कियों) की मदद राशि प्रदान की जाएगी। जो भी व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहते है, उन सभी को आवेदन करने के लिए उत्तर प्रदेश बाल श्रमिक विद्या योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन / एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चो और मजदूरों के बच्चो को पढ़ाने के लिए यूपी बाल श्रमिक विद्या योजना 2023 की शुरुआत कर दी है। यह योजना बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस के अवसर पर शुरू की गयी है। यह यूपी सरकार मजदूर बाल शिक्षा योजना मजदूरों के बच्चों को स्वस्थ और सफल जीवन जीने में सक्षम बनाएगी। प्रत्येक पात्र लड़को को 1000 जबकि लड़कियों को 1200 रूपये प्रति महीने दिए जाएंगे। लोग आधिकारिक वेबसाइट पर यूपी सरकार बाल श्रमिक विद्या योजना 2023 पंजीकरण /आवेदन पत्र भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
नई यूपी बाल श्रमिक विद्या योजना मार्च के अंत में शुरू की जानी थी, परन्तु भयंकर महामारी कोरोना बीमारी के लॉकडाउन की वजह से देरी हो गई। 12 जून 2020 को इस यूपी बाल श्रमिक योजना के आधिकारिक शुभारंभ के रूप में 2000 से अधिक बच्चो को धन भेजा गया है।
 

यूपी बाल श्रमिक विद्या योजना 2023

देश में एक बड़ा समूह ऐसा है जिसे अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बालश्रम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन सबके लिए समय-समय पर सरकारों ने कदम उठाए हैं, लेकिन इसके बावजूद यह महसूस किया गया कि बहुत बच्चे ऐसे हैं जो मजबूरी में बालश्रम करते हैं। बच्चे जब बचपन में ही अपने पारिवारिक खर्चे के लिए मजदूरी करने को मजबूर होते हैं तो यह न केवल उनके शारीरिक व मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, बल्कि इससे समाज और राष्ट्र की भी अपूरणीय क्षति होती है। बालश्रम से मुक्ति के लिए समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकारों ने अनेक अधिनियम बनाए और उन्हें हर प्रकार का संरक्षण देने का भी प्रयास किया। उत्तर प्रदेश सरकार इसी दिशा में बढ़ाए गए एक नए कदम के साथ आज आप सबके साथ है। 

इसमें 8 से 18 वर्ष तक के उन सभी बच्चों को जिन्हें स्कूल में होना चाहिए लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण, किसी की माता नहीं हैं, किसी के पिता नहीं हैं, किसी के दोनों अभिभावक नहीं हैं, या फिर दोनों दिव्यांग हैं, या कोई एक दिव्यांग है अथवा दोनों में से कोई एक किसी असाध्य बीमारी से ग्रसित है, या अन्य परिस्थितियों के कारण उन्हें अपने परिवार के लिए कार्य करना पड़ता था। ऐसे बच्चों के लिए आज एक नई योजना "बाल श्रमिक विद्या योजना" उत्तर प्रदेश में प्रारम्भ की जा रही है।  

उत्तर प्रदेश बाल श्रमिक विद्या योजना ऑनलाइन आवेदन /पंजीकरण फॉर्म

यूपी सरकार बाल शिक्षा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक यूपी सरकार की वेबसाइट या एक नए समर्पित योजना पर आमंत्रित किये जा सकते है। जैसे ही यूपी सरकार बाल श्रमिक विद्या योजना ऑनलाइन आवेदन / पंजीकरण फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होती है, हम इसे यहां अपडेट करेंगे।

बाल श्रमिक विद्या योजना के प्रथम चरण में 57 जनपदों में बाल श्रम से जुड़े सर्वाधिक कामकाजी बच्चे अब तक रिकॉर्ड किए गए हैं, वहां 2,000 बच्चों का चयन कर बालकों को ₹1,000 व बालिकाओं को ₹1,200 प्रतिमाह देने की व्यवस्था के साथ यह योजना लागू हो रही है। कक्षा 8, 9 और 10 में पढ़ने वाले बच्चों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की अतिरिक्त सहायता देने का प्राविधान भी इस योजना में किया गया है।  

बाल श्रमिक विद्या योजना ऐसी योजना है जिसमें बच्चों व उनके परिवारों के सभी प्रकार के खर्चों को उठाने का दायित्व श्रम विभाग अपने ऊपर लेने जा रहा है। इसकी बहुत अच्छी शुरुआत 2,000 बच्चों के साथ की जा रही है। मैं उम्मीद करता हूं कि 2,000 बच्चे इस वर्ष लाभान्वित होंगे और अगले वर्ष से यूपी सरकार के अटल आवासीय विद्यालय भी आगे बढ़ जाएंगे। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा की श्रम एवं सेवायोजन विभाग को इस अभिनव योजना के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं। यह धनराशि तो आपको पढ़ाई के लिए दी जा रही है। इसके अतिरिक्त स्कूलों में जाने पर अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ी जाति, निर्धन-गरीब परिवारों, या अन्य बच्चों के लिए जो छात्रवृत्ति योजनाएं हैं, उनका लाभ अतिरिक्त रूप से इन सभी बच्चों को प्राप्त हो पाएगा।

मजदूरों के बच्चों की पहचान 

उत्तर प्रदेश बाल श्रमिक विद्या योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन बाद में ऑनलाइन आमंत्रित किए जाएंगे, ऐसे मजदूरों के बच्चो की पहचान का काम अब श्रम विभाग को दे दिया गया है। यह योजना बहुत जरुरी है क्योकि यूपी उन राज्यों में शामिल है जिनमे बाल श्रम से जुड़े हुए मामलों की संख्या अधिक है। यूपी श्रम विभाग यूपी बाल मजदूर शिक्षा योजना और इसके लाभार्थियों का प्रबंधन करेगा। यूपी राज्य सरकार ने राज्य में 15 जून 2020 तक मजदूरों के लिए सबसे पहले रोजगार कार्यक्रम शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इस प्रकार योगी आदित्यनाथ की आगे आने वाली यूपी सरकार ने फैसला किया है की नई बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत नकद हस्तांतरण सशर्त होगा अर्थात दी गई शर्तो को पूरा करने पर ही दिया जायेगा। 

योगी आदित्यनाथ ने डिवीजनल कमिश्नरों को आदेश दिया है कि वे जिले में विकास कार्यो की पड़ताल करे ताकि covid-19 के प्रकोप के बाद अब राज्य प्रगति कर सके। ये अधिकारी यह भी जांच करेंगे की प्रत्येक जिले में कितना काम बाकि है। जिला मजिस्ट्रेटों को तब प्राथमिकता के आधार पर इन कामो को पूरा करने के लिए एक योजना तैयार करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। सीएम ने यह भी आदेश दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओ को एक तरफ लागू किया जाए ,जबकि दूसरी तरफ मजदूरों और श्रमिको को रोजगार प्रदान किया जाए। यह पूरे उत्तर प्रदेश राज्य के नवनिर्माण में मदद करेगा। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1) यूपी बाल श्रमिक विद्या योजना क्या है ?

यूपी में बाल श्रमिक शिक्षा योजना ,सरकार अनाथो और मजदूरों के बच्चो को शिक्षित करने के लिए मासिक वित्तीय मदद प्रदान करेगा। 

2) यूपी बाल श्रमिक विद्या योजना कब और किसने शुरू की ?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 12 जून 2020 को इस बाल श्रमिक विद्या योजना का शुभारंभ किया था। 

3) क्या इस बाल मजदूर कल्याण योजना में पंजीकरण की आवश्यकता है ?

रिपोर्टो के अनुसार नई बाल श्रमिक विद्या योजना के लिए उम्मीदवारों को नए समर्पित योजना पर या यूपी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन मोड़ के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसका लाभ पाने के लिए आवेदकों को यूपी बाल श्रमिक शिक्षा योजना ऑनलाइन आवेदन /पंजीकरण फॉर्म भरना होगा। 

4) इस योजना के तहत लाभ या सहायता राशि क्या होगी ?

प्रत्येक लड़के को 1000 रुपए प्रति महीने और प्रत्येक लड़की को अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए 1200 रुपए प्रति महीने और किसी भी प्रकार के बाल श्रम संबंधी कामो में फंसा हुआ ना हो।