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Wednesday, 19 August 2020

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना 2020 किसान पंजीकरण फॉर्म ऑनलाइन | Haryana Mera Pani Meri Virasat Scheme Online Registration Form for Farmers

**मेरे प्यारे साथियों** आज हम आपको हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना 2020 किसान पंजीकरण फॉर्म भरने की ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में बताएंगे। इस स्कीम को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर जी ने जल संरक्षण के उद्देश्य से लॉन्च किया गया है। किसान को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों द्वारा विविधिकरण के लिए प्रोत्साहन राशि 7,000 रूपये प्रति एकड़ दिए जाएंगे। किसान धान की फसल की जगह कपास, मक्का, दलहन, बाजरा, सब्जियां या फल में से किसी भी चीज की खेती (बुआई) कर सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पानी की बर्बादी को रोकना है क्योकि धान की फसल उगाने में बहुत पानी लगता है। इस आर्टिकल में हम आपको किसान फसल विविधिकरण ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म के बारे में बताएंगे। साथ ही रिचार्ज शाफ़्ट के लिए एप्लीकेशन फॉर्म और आवेदन प्रक्रिया भी इस आर्टिकल में किसान जान सकते हैं।
    
हरियाणा सरकार ने किसानो के खाते में 2,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मेरा पानी मेरी विरासत योजना पहली किस्त जमा कर दी है। इस योजना में पहली किश्त के रूप में सरकार की ओर से कुल 10.21 करोड़ रूपये दिए गए हैं। यह राशि राज्य के 17 जिलों में खरीफ-2020 के दौरान फसल विविधिकरण योजना के अनुसार धान को छोड़कर वैकल्पिक फसल की बुआई करने वाले किसानो को दी गयी है, जिन्होंने इस योजना के तहत धान के अलावा अन्य फसले लगाई है। 
यह योजना राज्य के सभी जिलों में लागू है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अब मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत किसानो के बैंक खाते में जल्द ही 5,000 रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से अगली क़िस्त जमा करने पर विचार कर रहा है।  

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना किसान रजिस्ट्रेशन फॉर्म

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के माध्यम से हरियाणा राज्य सरकार पानी की अधिक खपत वाले धान के स्थान पर ऐसी फसलों को प्रोत्साहित करेगी जिनके लिए कम पानी की आवश्यकता होती है। आगामी सीजन के दौरान धान के अलावा अन्य वैकल्पिक फसलों की बुवाई करने वाले किसानो को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रति एकड़ 7,000 रुपए दिए जाएंगे। इसमें से 2,000 पहली क़िस्त के रूप में सरकार की ओर से कुल 10. 21 करोड़ किसानों को दे दिए गए हैं। अब जानते हैं हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना किसान रजिस्ट्रेशन फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से भरने की पूरी प्रक्रिया। 

फसल विविधीकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पत्र

किसान अब मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल पर फसल विविधीकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पत्र भर सकते हैं, प्रक्रिया नीचे दी गयी है:-
  • सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल http://117.240.196.237/ पर जाएं। 
  • होमपेज पर "फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करें" लिंक पर क्लिक करें या सीधा http://117.240.196.237/FarmerRegistration.aspx पर जाएं।   
  • अगली स्क्रीन पर किसानों को अपना "Aadhar No." भरना होगा और "Next" बटन पर क्लिक करना होगा:-
  • इस आधार नंबर को भरने के बाद हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना 2020 ऑनलाइन किसान पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा:-
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म में किसानों को अपना सामान्य विवरण, किसान का विवरण, बैंक खाता जानकारी भरकर "Save & Next" बटन पर क्लिक करना होगा।
  • अगले चरण में किसान को अपनी जमीन की जानकारी भरकर "Save & Next" बटन पर क्लिक करना होगा।
  • फिर किसानों को अपनी फसल की जानकारी भरकर "Submit" बटन पर क्लिक करना होगा।
ऐसा करने पर मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत फसल विविधीकरण के लिए किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।               

रिचार्ज शाफ़्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन / एप्लीकेशन फॉर्म

किसान अब ऑनलाइन पोर्टल पर मेरा पानी मेरी विरासत योजना हरयाणा के अंतर्गत रिचार्ज शाफ़्ट के लिए आवेदन प्रक्रिया यहाँ दिखाई गयी है:-
  • सबसे पहले आधिकारिक मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल http://117.240.196.237/ पर जाएं। 
  • होमपेज पर "रिचार्ज शाफ़्ट के लिए आवेदन करें" लिंक पर क्लिक करें या सीधा http://117.240.196.237/RechargeShoft.aspx पर जाएं।
  • इसके बाद हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना 2020 ऑनलाइन आवेदन / एप्लीकेशन फॉर्म खुल जाएगा:-
  • सभी जानकारी भरने के बाद किसान रिचार्ज शाफ़्ट आवेदन फॉर्म को "Submit" कर सकते हैं। 
जरुरी दिशानिर्देश - http://117.240.196.237/images/Package_Practic/PackageOfPractic01.pdf

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की जरुरत और आवश्यकता 

राज्य में लगातार बढ़ते हुए धान के क्षेत्र से प्रत्येक वर्ष लगभग 1.0 मीटर भू-जल स्तर में गिरावट आ रही है। हमारी आने वाली पीढियों के लिए पानी बचाने हेतु सरकार ने 1.00 लाख हैक्टेयर भूमि में मक्का / कपास / बाजरा / दलहन / बागवानी की फसलो से विविधीकरण हेतु ‘मेरा पानी मेरी विरासत‘ योजना की शुरूवात की है। 

किसानो को राज्य के 8 खण्डो (रतिया, सिरसा, सीवन, गुहला, पीपली, ईस्माइलाबाद, बबैन तथा शाहाबाद) में धान के पिछले वर्ष के क्षेत्र में कम-से-कम 50 प्रतिशत क्षेत्र में वैक्लपिक फसलो (मक्का / कपास / बाजरा / दलहन / बागवानी) को उगाकर विविधीकरण अपनाना होगा। 

उपर्युक्त योजना के माध्यम से फसल विविधीकरण का उददेशय टिकाऊ खेती के साथ-2 नवीनतम तकनीको को बढावा देना, उत्पादन बढाना तथा किसान की आय बढाने के लिए फसल विकल्प चुनने में सक्षम बनाना है।

पानी के दोहन के मुख्य कारण 

-- अधिक पानी की मांग वाले धान-गेहूं के फसल चक्र की निंरतर खेती।
-- वर्षिक वर्षा से होने वाले पुनर्भरण से अधिक भू-जल का दोहन।
-- धान और गेहूं की फसलो में सिंचाई विधि से पानी का अधिक प्रयोग व बर्बादी।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के उद्देश्य  

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के निमिन्लिखित उद्देश्य हैं:-  
  • हरियाणा में अधिक पानी की मांग वाली फसलो के क्षेत्र को कम करना।
  • स्थायी खेती के लिए वैकल्पिक फसलो को बढावा देना तथा नवीनतम तकनीको की प्रेरणा देना।
  • संसाधनों के संरक्षण को बढावा देना।
  • भू-जल स्तर को बनाए रखना।
  • धान-गेहूं चक्र के कुप्रभाव से मृदा स्वास्थ्य को बचाना तथा सुक्ष्म तत्वों का सन्तुलन मिट्टी में बनाए रखना।
  • धान-गेहूं चक्र की खेती से हटाकर किसान को अधिक लाभ देने वाली फसलो का विकल्प देने के लिए।
इस योजना का उद्देश्य प्रकृति, मिटटी और पानी का संरक्षण करना तथा टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है। 

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत प्रोत्साहन

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत हरियाणा राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध प्रोत्साहन इस प्रकार हैं:-  
  • इस योजना के तहत जिस किसान ने अपनी कुल जमीन के 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र पर धान के बजाय मक्का/ कपास/बाजरा / दलहन / सब्जीयां इत्यादि फसल उगाई है तो उसको 7,000/- रूपये प्रति एकड़ की दर से राशि प्रदान की जाएगी। परन्तु यह राशि उन्ही किसानो को ही दी जाएगी जिन्होने गतवर्ष (खरीफ 2019-20) के धान के क्षेत्रफल में से 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र में फसल विविधीकरण अपनाया है।
  • उपरोक्त राशि 7,000/- रूपये प्रति एकड़ के अतिरिक्त जिन किसानो ने धान के बजाय फलदार पौधो तथा सब्जीयों की खेती से फसल विविधीकरण अपनाया है उनको बागवानी विभाग द्वारा चालित परियोजनाओं के प्रावधान के अनुसार अनुदान राशि अलग से दी जाएगी।
  • जिन खण्डों का भू-जल स्तर 35 मीटर अथवा उससे अधिक गहराई पर है तथा पंचायत भूमि पर धान के अतिरिक्त मक्का/ कपास/बाजरा / दलहन / सब्जीयां फसल उगाई है तो 7,000/- रूपये प्रति एकड़ की दर से राशि ग्राम पंचायत को दी जाएगी।
  • इस योजना के तहत अपनाई गई फसल मक्का / बाजरा / दलहन के उत्पादन को सरकार द्वारा नयुन्तम समर्थन मुल्य पर खरीदा जाएगा।
  • मक्का खरीद के दौरान मण्डीयों में मक्का सुखाने के लिए मशीने लगाई जाएगीं ताकि किसानों को पर्याप्त नमी के आधार पर उचित मुल्य मिल सके।
  • मक्का की मशीनों द्वारा बिजाई करने हेतु लक्षित खण्डों में किसानो को मक्का बिजाई मशीन पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
  • फसल विविधीकरण के अंतर्गत अपनाई गई फसल की बीमा राशि / किसान के हिस्से की राशि को सरकार द्वारा दिया जाएगा।
फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानो को सुक्ष्म सिंचाई संयत्र लगाने पर कुल लागत का केवल जी0एस0टी0 ही देना होगा।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना की पहली क़िस्त में राशि भुगतान

हरियाणा राज्य सरकार ने सिरसा, फतेहाबाद, जींद, हिसार, कैथल, झज्जर, भिवानी, चरखी, दादरी, सोनीपत, रोहतक, फ़रीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी, मेवात, गुरुग्राम, पानीपत और करनाल में कुल 20,420 हेक्टेयर में धान को छोड़कर कपास की बुआई करना प्रमाणित हुआ है। इन सभी जिलों के किसानों को पहली किस्त के रूप में 2000 प्रति एकड़ (फसल के सत्यापन के बाद) के हिसाब से सीधा बैंक अकाउंट में दे दिए हैं। 
पहली किश्त में सिरसा जिला के उत्पादक किसान सबसे अधिक लाभार्थी थे। इस जिला में 4,523 हेक्टेयर में वैकल्पिक फसल बोने वाले किसानो को 2. 26 करोड़ वितरित किए गए। फतेहाबाद जिला के किसानो को 3,966 हेक्टेयर भूमि के लिए 1. 98 करोड़ और जींद जिला के किसानो को 3,945 हेक्टेयर जमीन में धान की जगह वैकल्पिक बुआई करने पर 1.97  करोड़ मिले। शेष पांच हजार रूपये फसल की पकाई के समय देने है। 

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