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Sunday, 31 May 2020

अमृत ऐप (AMRIT App) डाउनलोड करें गूगल प्ले स्टोर से [एंड्राइड फ़ोन लिंक]

कोरोना वायरस के संदिग्धों की पहचान के लिए आरोग्य सेतु के बाद अब एक और ऐप लॉन्च हो गया है, इसका नाम अमृत ऐप है| AMRIT App का मतलब है Assessment, Monitoring, Reporting and Intelligent Tracking mobile app. लोग अब अमृत ऍप को गूगल प्ले स्टोर और गूगल ड्राइव के माध्यम से अपने एंड्राइड फ़ोन पर डाउनलोड कर सकते हैं. कोविड-19 से बचाव में यह अमृत मोबाइल एप्लीकेशन उत्तर प्रदेश सरकार का एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगी|
     
अमृत मोबाइल ऍप को देश के नामी आईटी संस्थान प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बायो टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसरों की टीम ने तैयार किया है. सरकारी अमले ने भी इस ऐप की उपयोगिता पर अपनी मुहर लगाते हुए लोगों से इसका इस्तेमाल करने की अपील की है. 

प्रयागराज जिला प्रशासन की ऑफिशियल वेबसाइट prayagraj.nic.in पर भी इस ऐप का लिंक डाल दिया गया है. गूगल प्ले स्टोर पर यह एप्प अगले हफ्ते उपलब्ध होगी|  

अमृत ऍप डाउनलोड करें ऑनलाइन गूगल ड्राइव / प्ले स्टोर से 


अमृत ऍप मुख्यतः जुखाम, खांसी, भुखार और जिन्हें सांस लेने में दिक्कत है, उन्हें ट्रैक करेगी| एक बार इस AMRIT App डाउनलोड और इनस्टॉल करके, सभी एंड्राइड मोबाइल फ़ोन यूज़र्स अपना पंजीकरण कर सकते हैं| अमृत अप्प डाउनलोड / पंजीकरण करने की पूरी प्रक्रिया यह है:-
  • सबसे पहले प्रयागराज जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट https://prayagraj.nic.in/ पर जाए
  • होमपेज पर Assessment, Monitoring, Reporting and Intelligent Tracking mobile app पर क्लिक करें जैसा यहाँ पर दिखाया गया है:-
     
गूगल प्ले स्टोर से अमृत अप्प डाउनलोड करने का लिंक भी जल्द उपलब्ध करवा दिया जाएगा। 

अमृत ऍप पर पंजीकरण किसको / कैसे करना है

अमृत ऍप पर पंजीकरण  श्रेणियों के लोग ही कर सकते है:-
  1. मरीज / ग्राहक  
  2. केमिस्ट मेडिकल दुकानदार 
  3. मेडिकल अभ्यासकर्ता 
  4. आशा वर्कर     
अमृत एप पर patient / customer लिंक चुनें, यहाँ पर नाम, मोबाइल नंबर, पता और OTP डालें, जिससे QR कोड जनरेट हो जाएगा। केमिस्ट मेडिकल दुकानदार, मेडिकल प्रैक्टिशनर और आशा वर्कर्स को भी अपनी पूरी जानकारी डाल कर पंजीकरण करना होगा। 
उसके बाद मरीज / ग्राहक का QR कोड स्कैन करके उनकी जानकारी अपलोड करनी होगी ताकि कंट्रोल रूम मे डाटा तैयार किया जा सके|
    

AMRIT App Download / Install / Registration in English         

This mobile based application has been designed to track patients having cough, cold, fever or breathing problem. Once the software is downloaded and installed through the direct download link given below:-
https://drive.google.com/open?id=1T1kYtAetZJcQtyOlE1_L3pEPKw5YvmC3

The users can make registration with following options:- 
  • After the user selects option for patient/customer, he/she has to provide details including name, mobile number, address etc. and an OTP(One Time Password) is sent to the mobile number. Once OTP is entered, a QR code is generated.
  • Medical stores, Practitioners and Asha workers can enter their details and register themselves after verifying with OTP sent to their mobile number respectively.
  • After this, they can scan QR code of the registered patient/ customer or add details manually.
  • After entering details, click SUBMIT to send the information to the control room.
For more details, visit the official website at http://www.mnnit.ac.in/index.php/highlights/442-amrit-app

कोरोना संदिग्धों का ऐसे पता लगाएगा ये अमृत ऐप

ये ऐप कोरोना के लक्षण वाली बीमारियों की दवा खरीदने वाले संदिग्ध मरीजों, केमिस्ट शॉप, अस्पतालों की ओपीडी व अन्य माध्यमों में संदिग्धों का पता लगाएगी. इस पर अपलोड की गई सभी सूचनाएं कोरोना के कंट्रोल रूम तक पहुंचेंगी. मोबाइल नंबर और पते के जरिये मेडिकल व प्रशासन की टीम संदिग्धों से बात कर उनकी सेहत का हाल जानेगी. उनकी मॉनिटरिंग की जाएगी. जरूरत पड़ने पर उनका सैंपल लिया जाएगा. उन्हें आइसोलेट या क्वारंटीन किया जाएगा और उनका इलाज किया जाएगा. 

इस ऐप के जरिये संदिग्धों की पहचान कर उनका इलाज करने से कम्युनिटी स्प्रेड यानी सामुदायिक संक्रमण को रोका जा सकेगा, यानी कोरोना को देश में थर्ड स्टेज में जाने से बचाया जाने की कोशिश होगी. अमृत ऐप को प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बायो टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की टीम ने संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव त्रिपाठी के सुपरविजन में तैयार किया है. ऐप तैयार करने वाले प्रोफेसरों और स्टूडेंट्स की टीम की अगुवाई प्रोफेसर शिवेश शर्मा ने की.

सर्दी-खांसी, जुकाम-बुखार वाले मरीजों पर फोकस

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों ये आदेश जारी किया था कि सभी दवा दुकानदारों को पूरे दिन बेची गई दवाओं का ब्यौरा शाम तक एक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा. ऐप में उन मरीजों को फोकस किया जाएगा, जो लगातार सर्दी-खांसी, जुकाम-बुखार व सांस की तकलीफ से संबंधित दवाएं ले रहे हैं. व्यक्तिगत मरीजों के साथ ही उस इलाके की भी पहचान करने की कोशिश की जाएगी, जिन जगहों के लोग ऐसी बीमारियों की दवाएं ज्यादा खरीद रहे हैं. जरूरत पड़ने पर इन इलाकों को कंटेनमेंट जोन में तब्दील किया जाएगा.

अगले हफ्ते गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा अमृत एप्प 

इस ऐप में दवा दुकानदारों के साथ ही आम नागरिक, डॉक्टर, हॉस्पिटल के प्रभारी व संचालक समेत दूसरे लोग भी डाटा फीड कर सकते हैं. ये ऐप डाटा के आधार पर ही संदिग्धों की पहचान करेगा. फिलहाल, ये एमएलएनआईटी संस्थान और प्रयागराज प्रशासन की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है. अगले हफ्ते से ये गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध रहेगा. 

संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव त्रिपाठी और ऐप तैयार करने वाली टीम के मुखिया प्रोफेसर शिवेश शर्मा के मुताबिक, महामारी रोकने में ये ऐप काफी उपयोगी साबित हो सकता है. प्रयागराज प्रशासन भी इस ऐप के इस्तेमाल के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है और उनसे इसका इस्तेमाल करने की अपील कर रहा है.

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