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Sunday, 9 August 2020

प्रधान मंत्री किसान रेल योजना (PM Kisan Rail Scheme) 2020 - किसानो के फल, सब्जिओं को पटरी पर कोल्ड स्टोरेज से शहर की मंडी तक पहुंचाएगी सरकार

प्रधान मंत्री किसान रेल योजना (PM Kisan Rail Scheme) केंद्र सरकार की एक नई पहल है। इस किसान रेल स्कीम के तहत भारतीय रेलवे किसानों के लिए 7 अगस्त 2020 से अलग से किसान रेल चला रही है। भारतीय रेलवे फल और सब्जियों के मालवहन के लिए ये नई रेलगाडियाँ (मालगाड़ी) चला रही है। पीएम किसान रेल योजना के तहत सबसे पहली रेल महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर के बीच चली। इस योजना की घोषणा फरवरी में पेश होने वाले बजट में तत्कालीन फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा कर दी गई थी।

जो सब्जी, फल या अन्य कृषि उत्पाद जल्दी ही खराब हो जाते हैं उनको उनके गंतव्य स्थान अथवा मंडियों तक समय पर पहुंचाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। फल और सब्ज़ियों को बचाकर किसानो को होने वाले नुक्सान कम किये जाएंगे और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा। किसान रेल योजना को पीपीपी (सार्वजनिक निजी भागीदारी) के माध्यम से चलाया जाएगा। 
किसान रेल योजना के तहत शीत भंडारण (Cold Storage) के साथ किसान उपज के परिवहन की भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी।

प्रधान मंत्री किसान रेल योजना (PM Kisan Rail Scheme) 2020

किसान रेल योजना के तहत चलने वाली पहली रेल महाराष्ट्र में देवलाली से बिहार में दानापुर के बीच में 32 घंटे में लगभग 1519 किलोमीटर का सफर तय करेगी।

देवलाली से दानापुर तक पहली किसान रेल का शुभारम्भ

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केन्द्रीय रेल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर "देवलाली-दानापुर किसान रेल" का शुभारम्भ किया। पीयूष गोयल इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आम बजट, 2020-21 में दूध, मांस और मछली सहित जल्द सड़ने वाले खाद्य पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला तैयार करने की घोषणा की थी और यह भी कहा गया था कि भारतीय रेल पीपीपी व्यवस्था के माध्यम से किसान रेल की शुरुआत करेगी।

किसान रेल का रूट

पहली किसान रेल रूट पर पड़ने वाले चार राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार को इस किसान रेल का फायदा होगा। पहली किसान रेल का रूट कुछ इस प्रकार है

किसान रेल रूट: देवलाली > नासिक रोड > मनमाड > जलगांव > भुसावल > बुरहानपुर > खंडवा > इटारसी > जबलपुर > सतना > कटनी > मानिकपुर > प्रयागराज > पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर > बक्सर > दानापुर

किसान रेल योजना अथवा किसान रेल सेवा भारत में किसानों की आय को दोगुना करने के क्षेत्र में एक नया प्रयास है। 

किसान रेल से किसानों की फसल के लिए बाजार और उपयुक्त कीमत मिलेगी 

इस अवसर पर श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान रेल से मामूली लागत पर किसानों की फसल की देश के विभिन्न हिस्सों तक ढुलाई में सहायता मिलेगी, इससे किसानों को फायदा होगा और इससे प्रधानमंत्री के वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के विजन को हासिल करने में भी सहायता मिलेगी। श्री तोमर ने जल्द सड़ने वाले सामानों की ढुलाई पर विशेष जोर के साथ समयबद्ध तरीके से परिवहन नेटवर्क को मजबूत बनाने को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट किया। 

उन्होंने कहा कि परिवहन की अनुपलब्धता के चलते किसानों को अपनी कृषि उपज के लिए लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने कोविड महामारी के इस मुश्किल दौर में किसान रेल शुरू करने के लिए रेल मंत्रालय के प्रयासों की भी सराहना की। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि और पशुपालन क्षेत्र में सड़ने वाले उत्पादों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्बाध कोल्ड आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण के द्वारा किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। 

किसान रेल के द्वारा किसानों की इस बुनियादी जरूरत को पूरा करने का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि कोविड लॉकडाउन के दौरान भी कृषक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा। साथ ही रबी फसलों की कटाई और ग्रीष्मकालीन व खरीफ फसलों के बुआई की प्रगति संतोषजनक रही है।

किसान रेल योजना का फायदा

किसान रेल योजना का मुख्य फायदा यह है कि इस योजना से मामूली लागत पर किसानों की फसल की देश के विभिन्न हिस्सों तक ढुलाई में सहायता मिलेगी। परिवहन की अनउपलब्धता के कारण किसानों को जो नुकसान झेलना पड़ता था अब उससे छुट्टी मिलगी।

देश के किसान समुदाय की सेवा के क्रम में, किसान रेल मल्टी कमोडिटीज, मल्टी कंसाइनर्स और मल्टी कंसाइनीज के तहत ढुलाई करेगी। किसान रेल अपने रूट पर पड़ने वाले स्टॉपेज के साथ मूल स्थान – गंतव्य तक जोड़ी में चलेंगी। साथ ही किसानों और व्यापारियों को किसान रेल रूट पर पड़ने वाले सभी स्टॉपेज से लोडिंग / अनलोडिंग की अनुमति होगी। सामान की ढुलाई की व्यसथा समन्वय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के द्वारा की जाएगी।

किसानों को ज्यादा संपन्न बनाने की दिशा में एक कदम है किसान रेल

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि 1853 में बोरी बंदर से ठाणे के लिए पहली ट्रेन चलाई गई थी और अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा 2020 में पहली किसान रेल का संचालन किया जा रहा है। सरकार ने पीएम किसान योजना का शुभारम्भ किया है, जिसमें किसानों के परिवार को 6,000 रुपये दिए जा रहे हैं और किसानों की आय दोगुनी करने के क्रम में कई अन्य योजनाएं/ कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। रेल मंत्रालय खाद्य आपूर्ति श्रृंखला बढ़ाने पर भी काम कर रही है, जिससे किसानों को उनकी फसल की अच्छी कीमत मिल सके।

देश के किसान समुदाय की सेवा के क्रम में, किसान रेल मल्टी कमोडिटीज, मल्टी कंसाइनर्स और मल्टी कंसाइनीज के तहत ढुलाई करेगी। ये ट्रेनें रूट पर पड़ने वाले स्टॉपेज के साथ मूल स्थान-गंतव्य तक जोड़ी में परिचालित होंगी, साथ ही इस पर रूप पर पड़ने वाले सभी स्टॉपेज से लोडिंग/ अपलोडिंग की अनुमति होगी। ट्रेनों के मूल स्थान- गंतव्य, रूटों, स्टॉपेज और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी का फैसला कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और रेल मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। भारतीय रेल इस क्रम में ही ट्रेन चलाने की योजना बनाएगी।

किसान रेल ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया 

किसान रेल बुकिंग की कोई जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है, जैसे ही और कोई अन्य जानकारी उपलब्ध होती है हम यहाँ पर अपडेट करेंगे। सामान की ढुलाई की व्यवस्था का समन्वय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा किया जाएगा, जिसमें एफपीओ के माध्यम से कंसाइनेंट का एकीकरण, तापमान नियंत्रित स्टोरेज की स्थापना आदि शामिल है। एमओएएंडएफडब्ल्यू द्वारा एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर में स्टार्टअप्स, नए एफपीओ को प्रोत्साहन दिया जाएगा और एकीकरण के माध्यम से पुराने एफपीओ को मजबूत बनाए जाएगा। 

मंत्रालय मौसमी फसल के साथ ही किसान विशेष रूट पर उत्पादन केन्द्रों का विवरण उपलब्ध कराएगा। एमओएएंडएफडब्ल्यू को सुनिश्चित करना होगा कि मंडियों, किसान सहकारी समितियों, एनजीओ आदि सभी हितधारकों तक किसान रेल से संबंधित सूचनाओं का प्रसार हो जाए। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा पर्याप्त बैक-एंड बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने होंगे।

PM Modi on Kisan Rail Scheme 2020

Prime Minister Narendra Modi on 9 August 2020 said that the "Kisan Rail" scheme will benefit farmers of the entire country as they would be able to sell their produce in urban areas. The Prime Minister stated that India's first Kisan rail has started between Maharashtra and Bihar. PM Modi said that "2 days ago, a very big scheme has been started involving small farmers of the country, which is going to be of great benefit to the farmers of the entire country in the coming time. The country's first Kisan rail has started between Maharashtra and Bihar." 

PM Modi said that "Small farmers have been connected through Kisan Rail with Mumbai and Pune directly. This train will also help farmers of Uttar Pradesh and Madhya Pradesh as the train will pass through these states. It is an air-conditioned train and it is like cold storage on rail tracks. People living in cities will get fresh vegetables. Fare of trains in comparison to trucks is also low." 

On 7 August 2020, Railway Minister Piyush Goyal and Union Agricultural Minister Narendra Singh Tomar flagged off India's first Kisan Rail from Devlali in Maharashtra's Nashik for Danapur in Bihar's capital Patna. The train will run on a weekly basis. The Prime Minister said that when small farmers will reach big cities of the country, they will be encouraged towards growing fresh vegetables, animal husbandry and fisheries.

"This will open the way for more income from less land and will generate many new opportunities for employment and self-employment. These measures will collectively herald a new dawn for the agriculture sector in India," he said. The Prime Minister said that many reforms are being undertaken keeping in mind the interest of small farmers. "Small farmer has been facing the most trouble. For the past 6-7 years, the government is making efforts to help them," he said. The Prime Minister also reiterated his mantra "do gaz ki doori- mask hai jaroori" while appealing to farmers to wear face masks and continue maintaining social distancing amid COVID-19 pandemic.

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