New Sarkari Yojana List 2022 (नई सरकारी योजनाओं की सूची)

New Sarkari Yojana List 2022 (नई सरकारी योजनाओं की सूची)

प्रधानमंत्री मोदी एवं विभिन्न राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गयी सभी योजनाएं, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएँ 2022, सरकारी योजना हिंदी और अंग्रेजी में योगी योजना वेबसाइट पर

Godhan Nyay Yojana 52nd Installment Update : godhannyay.cgstate.gov.in Login, App | छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2022 किश्त

**मेरे प्यारे साथियों** आज हम आपको छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना किश्त के बारे में बतायेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 21 सितम्बर 2022 को गोधन न्याय योजना की 52वी किश्त लाभार्थियों के खाते में डाल दी है। यह योजना छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 20 जुलाई 2020 को राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए शुरु की थी। छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना से पशुपालको से गोबर की खरीद करने, पशुपालन को लाभकारी बनाने, खेतों में चरने की समस्या सुलझाने, किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने, आवारा जानवरों के कारण सड़क दुर्घटनाएं आदि समस्याओं को हल करने प्रयास किया जाता है।

गोधन न्याय योजना देश में अपनी तरह की पहली योजना है जिसमे पशुपालकों से 2 रूपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदी की जाती है। छत्तीसगढ़ सरकार ने पशुपालन को बढ़ावा देने और इसे व्यावसायिक रूप से लाभदायक बनाने के लिए 20 जुलाई 2020 को गोधन न्याय योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मवेशियों (आवारा) जानवरों के द्वारा खुले में चराई को रोकने व आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की समस्या का हल करने और पर्यावरण सरंक्षण है। छत्तीसगढ़ पशु मालिकों से गोबर खरीदने वाला पहला भारतीय राज्य बन गया है। गोधन न्याय योजना हरेली उत्सव के दिन से छत्तीसगढ़ राज्य में लागू की गयी थी। 
इस नई योजना के माध्यम से पशुपालको के लिए पशुपालन और गाय-गोबर प्रबंधन अधिक लाभदायक हो गया है। इस गोबर खरीद योजना के कार्यान्वयन से रोजगार के अवसर पैदा हो रहे है और पशुपालक किसानों की अतिरिक्त आय भी हो रही है। इस योजना में गाय के गोबर को निर्धारित दर पर ख़रीदा जाएगा और सहकारी समितियों से बरामद किया जाएगा। मंत्रिमंडल के तहत गठित 5 सदस्य उप-समिति ने गोधन की खरीद दर का निर्धारण किया था। 

गोधन न्याय योजना 52वी किश्त 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 7 करोड़ 4 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करी। इसमें 1 सितंबर से 15 सितंबर तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 2.03 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 4.06 करोड़ रूपए भुगतान, गौठान समितियों को 1.77 करोड़ और महिला समूहों को 1.21 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं। गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में अब तक हितग्राहियों को 335 करोड़ 36 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 18 करोड़ रूपए की बोनस राशि भी शामिल है। 5 सितंबर को 7.04 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 352 करोड़ 40 लाख रूपए हो जाएगा।

गोधन न्याय योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर तथा 4 रूपए लीटर की दर से गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में 31 अगस्त तक खरीदे गए 79.12 लाख क्विंटल गोबर के एवज में ग्रामीणों को 160.94 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 21 सितंबर को गोबर विक्रेताओं को 4.06 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 165 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 156.42 करोड़ रूपए राशि की भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 21 सितंबर को 2.98 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 159.41 करोड़ रूपए हो जाएगा। स्वावलंबी गौठानों द्वारा अब तक 19.12 करोड़ रूपए का गोबर स्वयं की राशि से क्रय किया गया है। राज्य के 81 गौठानों में गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। अब तक गौठानों में 35 हजार 346 लीटर क्रय किए गए गौमूत्र से 16,500 लीटर कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत तैयार किया गया है, जिसमें से 8400 लीटर ब्रम्हास्त्र और जीवमृत की बिक्री से 3.85 लाख रूपए की आय हुई है।

गौठानों में महिला समूहों द्वारा 17.80 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 5.30 लाख क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट एवं 18,924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस खाद का निर्माण किया जा चुका है, जिसे सोसायटियों के माध्यम से क्रमशः 10 रूपए, 6 रूपए तथा 6.50 रूपए प्रतिकिलो की दर पर विक्रय किया जा रहा है। महिला समूह गोबर से खाद के अलावा गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां एवं अन्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय कर लाभ अर्जित कर रही हैं। गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ अन्य आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे महिला समूहों को अब तक 81.84 करोड़ रूपए की आय हो चुकी हैं। राज्य में गौठानों से 11,187 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 83,874 है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरुआत की जा चुकी है।

राज्य में गोधन के संरक्षण और संर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10,624 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 8408 गौठान निर्मित एवं 1758 गौठान निर्माणाधीन है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 78 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 46 प्रतिशत महिलाएं है।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 51वी किश्त

5 सितम्बर 2022 को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना की 51वीं किश्त की राशि 5 करोड़ 9 लाख रूपए हितग्राहियों को उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की। 

गोधन न्याय योजना 50वी किश्त  

इससे पहले, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती (20 August 2022) पर गोधन न्याय योजना 50वी किश्त के तहत पशुपालकों, गौठान समितियों और महिला समूहों को 5 करोड़ 24 लाख रुपए ऑनलाइन अंतरित किये गए थे। मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के तहत 5,24,00,000 रुपए की राशि का अंतरण गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों और महिला समूह के बैंक खातों में किया। इस राशि में से गोबर विक्रेताओं को 2.64 करोड़ रुपये और गौठान समितियों और स्व-सहायता समूह को 2.60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

Godhan Nyay Yojana App Download

जो भी पशुपालक किसान गोधन न्याय योजना 2022 के अंतर्गत गोबर बेचना चाहते है, वह अब अपना आवेदन कर सकते हैं। गोधन न्याय योजना पंजीकरण के लिए सभी पशुपालकों को मोबाइल एप्लीकेशन डालनी होगी। Godhan Nyay Yojana App download करें - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.chips.godhanyojna&hl=en_IN&gl=US. इस लिंक पर क्लिक करने पर आपके सामने ऐप डाउनलोड पेज खुल जाएगा।     
राज्य की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के अंतर्गत नरवा, गरूवा, घुरूवा व बाड़ी का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में गौठान स्थापित किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा गौठान की गतिविधियों में विस्तारण करते हुये गोठान में गोबर क्रय करते हुए संग्रहित गोबर से वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य उत्पाद तैयार करने हेतु गोधन न्याय योजना का प्रारंभ छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण पर्व "हरेली" (दिनांक 20 जुलाई,वर्ष 2020) से किया जा रहा है। योजना क्रियान्वयन से जैविक खेती को बढ़ावा, ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर रोजगार के नये अवसर, गौपालन एवं गौ-सुरक्षा को प्रोत्साहन के साथ-साथ पशुपालकों को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। आगामी वर्षाें में नवीन गोठानों की स्थापना के साथ-साथ योजना का विस्तार भी आवश्यकतानुसार किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2022 के उद्देश्य 

गोधन न्याय योजना को शुरू इसलिए किया गया था ताकि आवारा पशुओ की समस्या को ठीक किया जाए व किसानो और पशुपालको को लाभ प्राप्त हो सके। छत्तीसगढ़ में खुले में आवारा पशुओ को चराने की परंपरा है, जो किसानों की फसलों का काफी नुक्सान करती है। इसके अलावा शहरो की सड़को पर आवारा जानवर सड़क दुर्घटनाओ का प्रमुख कारण है। गाय और भेड़-बकरी के मालिक अपने जानवरों को खुले में छोड़ देते है जिससे कई प्रकार की समस्याएं होती है। पशुपालकों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने गोधन न्याय योजना की शुरुआत करी है जिसके मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:-
  • पशुपालकों की आय में वृद्धि।
  • पशुधन विचरण एवं खुली चराई पर रोक।
  • जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा एवं रासायनिक उर्वरक उपयोग मे कमी लाना।
  • खरीफ एवं रबी फसल सुरक्षा एवं द्विफसलीय क्षेत्र विस्तार।
  • स्थानीय स्तर पर जैविक खाद की उपलब्धता।
  • स्थानीय स्व सहायता समूहो को रोजगार के अवसर।
  • भूमि की उर्वरता में सुधार।
  • विष रहित खाद्य पदार्थो की उपलब्धता एवं सुपोषण।

Godhan Nyay Yojana संक्षिप्त विवरण 

योजना का नाम  गोधन न्याय योजना (Godhan Nyay Yojana)
राज्य का नामछत्तीसगढ़ 
लांच किसने करीमुख्यमंत्री भूपेश बघेल
लाभार्थी पशुपालक किसान, गोबर विक्रेता, गौठान समिति और महिला समूह
गोबर खरीदी की निर्धारित दर2 रुपये प्रति किलो
किश्त कब जारी होंगीहर 15 दिन में 
सञ्चालन एजेंसी राज्य सरकार 
किश्त जारी करने का तरीका ऑनलाइन (DBT) के माध्यम से 
Article CategoryGodhan Nyay Yojana Official Website, App   
पोर्टल लिंक godhannyay.cgstate.gov.in
लांच की तारीख 20 जुलाई 2020
पंजीकरण / आवेदन की अंतिम तारीखकोई नहीं 
Godhay Nyay Yojana App डाउनलोड लिंकhttps://play.google.com/store/apps/details?id=com.chips.godhanyojna&hl=en_IN&gl=US
 

List of Documents Required for Godhan Nyay Yojana

  • मूल निवास प्रमाण पत्र 
  • आधार कार्ड 
  • बैंक खाते की पासबुक की प्रति 
  • मोबाइल नंबर 
  • किसान कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र 
 

गो-धन न्याय योजना किस तरह की समस्याओं को ठीक करेगी?

गोधन न्याय योजना के लागू होने से पशुपालक अपने मवेशियों को उचित चारा-पानी उपलब्ध कराएंगे और उन्हें अपने स्थान पर बांध कर रखेंगे। जिससे किसानों की मेहनत से उगाई फसल बचेगी, सड़क दुर्घटनाएं काम होंगी, पर्यावरण की रक्षा होगी, किसान के लिए गोबर बेचना आसान होगा, कमाई के साधन बढ़ेंगी व अन्य समस्याएं भी सुलझेंगी।        

गाय के गोबर की खरीद दर

गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीद दर (2 रुपये प्रति किलो) कैबिनेट की 5 सदस्यीय उप-समिति द्वारा तय की गयी थी। कैबिनेट उप-समिति की अध्यक्षता कृषि और जल संसाधन मंत्री ने की थी। इस समिति में वन मंत्री, सहकारिता मंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री, राजस्व मंत्री भी शामिल थे। पशुपालकों, किसानों, गौशाला संचालको और अन्य विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों पर विचार-विमर्श करने के बाद गोबर की खरीद दर तय की गयी थी।
 

राज्य सरकार ख़रीदे गए गोबर का क्या करेगी?

ख़रीदे गए गोबर का उपयोग कृमि खाद के उत्पादन के लिए किया जाएगा। यह पौधा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानो की उर्वरक आवश्यकता के साथ-साथ कृषि, वन, बाग़वानी और शहरी प्रसासन विभाग द्वारा विभिन्न वृक्षारोपण अभियानों में सहायक होगा। इस योजना को लागू करने के लिए सीजी राज्य शहरी प्रसासन जिम्मेदार होगा। राज्य सरकार अतिरिक्त जैविक उर्वरक के विपणन के लिए अन्य व्यवस्था भी करेगी।

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